उबला दूध और गर्म पानी बनेगा संजीवनी

भोपाल। वैश्विक महामारी कोरोना के प्रकोप से विश्व की मानव जाति पीड़ित है। ऐसे में शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में रोग प्रतिरोधक क्षमता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए कोरोना से बचने के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना ही सटीक उपाय है। आयुर्वेद के सरल उपायों से रोग प्रतिरोधक क्षमता को आसानी से बढ़ाया जा सकता है क्योंकि आयुर्वेद में दिनचर्या व ऋतु के आधार पर खान-पान बताया गया है। यह कहना है आयुष डाक्टर एंड कैमिस्ट एसोसियेशन के अध्यक्ष डा.एस.नाहर राना जी का। उनके अनुसार अच्छी तरह उबाल कर दूध और गर्म पानी पीने से वह संजीवनी की तरह काम करेगा। यदि खान-पान में सावधानी बरतें, योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान करें और आयुर्वेद के सरल उपायों को अपनाएं तो लोग आसानी से अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा कर संक्रमित होने से बच सकते हैं। 


सामान्य उपाय : पूरे दिन केवल गर्म पानी पीएं। आयुष मंत्रालय की सलाह के अनुसार प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान करें। भोजन बनाने में हल्दी, जीरा, धनिया एवं लहसुन आदि मसालों का प्रयोग करें। यह सभी उपाय रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में  सहायक सिद्ध हो सकते हैं।